करैक्टर सर्टिफिकेट कैसे बनता है। character certificate kaise banta hai

कैरक्टर सर्टिफिकेट कैसे बनता है आज के समय में करैक्टर सर्टिफिकेट एक आम सवाल हो गया जैसा कि आपको पता होगा कि करैक्टर सर्टिफिकेट का उपयोग हम किसी व्यक्ति के चरित्र को दर्शाने के लिए करते हैं आगे हम आपको इस पोस्ट में बताने वाले हैं कि करैक्टर सर्टिफिकेट क्या होता है कैरेक्टर सर्टिफिकेट कैसे बनाया जाता है इसका वैलिडिटी कितना दिन तक होता है आप कैरेक्टर सर्टिफिकेट को कहां से बनवा सकते हैं करैक्टर सर्टिफिकेट कितने प्रकार के होते हैं सारा जानकारी आप इस पोस्ट में जान पाएंगे।

करैक्टर सर्टिफिकेट क्या होता है

कैरेक्टर सर्टिफिकेट आमतौर पर एक दस्तावेज है जिसका उपयोग हम नौकरी या एडमिशन यानी कि शिक्षा क्षेत्र में कर सकते हैं इसका विभिन्न प्रकार के उपयोग किया जाता है जैसा कि आपको नाम से ही पता चल गया हुआ कि कैरक्टर सर्टिफिकेट जिसको हिंदी में हम बोलते हैं चरित्र प्रमाण पत्र इसका उपयोग किसी व्यक्ति का चरित्र को दर्शाने में किया जाता है कि उस व्यक्ति का चरित्र किस प्रकार है ।

व्यक्ति का संबंध किसी गैर कानूनी कार्यों में है या नहीं है या फिर वह अपने पिछले इतिहास में कभी भी किसी कानूनी कार्यवाही में उसका भागीदारी हुआ है कि नहीं हुआ है इस दस्तावेज से उसका प्रमाण दिया जाता है।

करैक्टर सर्टिफिकेट कैसे बनाया जाता है

करैक्टर सर्टिफिकेट बनाने के लिए आपके पास कुछ डॉक्यूमेंट उपलब्ध होना चाहिए जैसे कि आपका आधार कार्ड आपका दो पासपोर्ट साइज फोटो उसके साथ ही आपको एक अपना आवेदन देना होगा हस्तलिखित या फिर बहुत सारे स्टेट या डिस्ट्रिक्ट में कुछ अलग नियम होते हैं किसी किसी डिस्ट्रिक्ट में हस्तलिखित आवेदन चलता है या फिर किसी डिस्ट्रिक्ट में अलग से फॉर्मेट दिया जाता है।

जिसको आपको भरना होता है और आपको अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करना होता इस नियम में दो प्रोसेस है जैसे कि बहुत सारे राज्य में ऑनलाइन आवेदन भी शुरू हो गया है बहुत सारे राज्य में ऑनलाइन आवेदन शुरू नहीं हुआ है परंतु यदि आप ऑफलाइन माध्यम से अपना कैरेक्टर सर्टिफिकेट बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपना एक हस्तलिखित आवेदन जिसका जिक्र हम पोस्ट के नीचे कर देंगे आपके पास दो पासपोर्ट साइज फोटो आपका आधार कार्ड का जेरोक्स आवेदन लिखने के बाद उस आवेदन को अपने डिस्टिक ऑफिस के पुलिस अधीक्षक यानी के एसपी ऑफिस जिसे आप कह सकते हैं।

आपका अपना आवेदन अपना जिला के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जमा करना होता है जिसके पश्चात आपके आवेदन को पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से आपके नजदीकी थाना को फॉरवर्ड कर दिया जाता है।

उस आवेदन को लेने के बाद आप उस आवेदन को पुनः अपने नजदीकी पुलिस थाना में जाकर जमा कर दें आपके थाना वाले आपके ग्राम के चौकीदार से बातचीत करके आपके बारे में रिकॉर्ड पता करेंगे कि आप कभी भी किसी गैर कानूनी कार्यों में सम्मिलित हुए हैं या फिर नहीं साथ ही पुलिस थाना में आपके नाम से रिकॉर्ड चेक किया जाएग कि आपके नाम से कभी कोई f.i.r. केस वगैरह दर्ज है या नहीं।

पुलिस थाने वाले आपके नाम का सारा रिकॉर्ड जांच करने के पश्चात आपके आवेदन पर दोबारा अपने जांच के अनुसार उस आवेदन को एसपी कार्यालय को दोबारा फॉरवर्ड कर देंगे जिसमें लिखा जाएगा पुलिस थाना की ओर से की आवेदक का चरित्र में कोई दाग नहीं है आवेदक के नाम से चरित्र प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है।

आखरी चरण

अब आप उसी आवेदन को लेकर फिर से अपना पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जमा करेंगे पुलिस अधीक्षक कार्यालय वाले चरित्र प्रमाण पत्र का एक फॉर्मेट में आपको चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत कर देंगे ।

 

चरित्र प्रमाण पत्र कितने प्रकार के होते हैं

चरित्र प्रमाण पत्र दो प्रकार के होते हैं सभी राज्यों में इसका बनाने का नियम भी अलग-अलग हैं। चरित्र प्रमाण पत्र एक प्रकार का शैक्षणिक तौर पर निर्गत किया जाता है जिसका उपयोग आप किसी स्कूल या कॉलेज इंस्टिट्यूट में एडमिशन लेने में किया जाता है।

करैक्टर सर्टिफिकेट या फिर चरित्र प्रमाण पत्र इसका एक दूसरा उपयोग होता है नौकरी में , यदि आप सरकारी या गैर सरकारी संस्थान में नौकरी लेते हैं तो सारा प्रोसेस कंप्लीट होने के बाद आपसे आपका चरित्र प्रमाण पत्र या जिसे आप कैरेक्टर सर्टिफिकेट के नाम से भी जानते हैं इसका मांग किया जाता है।

कैरेक्टर सर्टिफिकेट या चरित्र प्रमाण पत्र यदि आप 10वीं 12वीं या फिर कॉलेज पास आउट होते हैं आपको कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट जिसे इंग्लिश से सीएलसी भी कहते हैं इसी के साथ कॉलेज स्कूल से आपको एक चरित्र प्रमाण पत्र या कैरेक्टर सर्टिफिकेट दिया जाता है जिसका उपयोग आप नौकरी में नहीं बल्कि किसी स्कूल या कॉलेज में एडमिशन लेने के तौर पर कर सकते हैं।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.